जिदगी में जो होता है वो अच्छे के लिए होता है

woman in depression-second

बहुत बार हमारी लाइफ में एसी समस्या आती है, एसी मुश्किले आती है की हम समझ नहीं पाते की हमारे साथ ही क्यों हो रहा है|

इस पोस्ट में जो कहानी में आपके साथ share करने जा रहा हु, इस कहानी ने मेरी जिंदगी में मेरे नाजिरिये में बहुत बदलाव लाया था|

तो मेने सोचा इस पोस्ट के जरिये से आपके साथ भी वो कहानी को share करू ताकि आपकी लाइफ में आपके नजरिये में बहुत बड़ा बदलाव आये|

एक बार एक मंदिर में सफाई करने वाला सेवक भगवान जी की  मूर्ति की तरफ देखता है, और कहता है” भगवान् आप बोर नहीं हो जाते एक ही जगह पर खड़े खड़े इतने सालो से, एक ही स्थिति में, एक ही जगह खड़े हो तो मेरे पास एक आईडिया है, क्यों न एक दिन के हम कार्य आदान-प्रदान कर ले, क्यों न रूप अदला बदली कर ले आप मेरे रूप में एक दी मेरी जिंदगी जी कर देखो और में आपके रूप में एक दिन यहाँ खड़े हो जाता हूँ, आप भी एक दिन छुट्टी लो, आप भी एक दिन आराम करो|

भगवान् जी आगे से जवाब देते है यहाँ खड़े होना इतना आसन नहीं है, तू अपना काम कर मुझे अपना काम करने दे, यहाँ खड़ा होना बहुत मुस्किल है|

वो सेवक कहता है: नहीं नहीं भगवान जी आप जैसे बोलोंगे में वैसे करूँगा, जैसे कहोगे वैसे खड़े हो जाऊंगा लेकिन आप एक दिन के लिए मेरी जिंदगी जी कर देखो, एक दिन के लिए आप holiday लेकर देखो|

वो भगवान् जी कहते है: में रूप तो आदान-प्रदान कर लूँगा में तेरे रूप में आया जाऊंगा तू मेरे रूप में आ जा लेकिन मेरी एक बात याद रखना तूने मूर्ति बन कर खड़े रहना है लोग कुछ भी कहे, कुछ भी बोले, कोई अपने दुःख सुनाए, कोई अपनी तकलीफ सुनाए, कुछ तुझसे मांगे तो तूने मूर्ति बनकर खड़े रहना है तूने कुछ कुछ नहीं करना है, तूने कुछ नै बोलना मेरे पास सबकी प्लानिंग है, तू बस खड़ा रहना|

सेवक कहता है: ठीक है भगवन जी मुझे मंजूर है| सेवक मूर्ति बन के खड़े हो जाता है और भगवान उसके रूप में आराम करने अपनी एक दिन की छुट्टी बनाने निकाल जाते है|

और अब यह सेवक भगवन जी की मूर्ति बन कर मंदिर में खड़ा है और पहला भक्त आता है जो की एक व्यवसायी है, व व्यवसायी भगवान् के आगे माता टेकता और है कहता है: हे भगवान मेरी दोलत और बढ़ाना मेरे पैसे और बढ़ाना मेरी शान और शौकत और बढ़ाना, में एक नई फेक्टरी लगा रहा हु उस पे भी अपनी कृपा बनाए रखना, हे भगवान्!! और वह अपना माता टेकता है|

और जब उठता है तो अपना वोइलेट वही भूल जाता है, अपना वोइलेट वही भूल के वो व्यवसायी निकाल जाता है|

ये देखकर मूर्ति के रूप में खड़े सेवक को बड़ी घबराहट होती है ये देखकर की उसका वोइलेट रह गया| उसका मन करता है उसको आवाज देदु तेरा वोइलेट रह गया लेकिन उसको याद आ जाता है की भगवान ने कहा था की तूने हिलना नहीं है तूने कुछ नहीं बोलना, जो होता है बस देखते रहना|

तो वो सेवक बिना कुछ बोले मूर्ति बनकर खड़ा रहता है और इतने में एक दूसरा भक्त आता है, एक और भक्त आता है जो एक गरीब आदमी है, वो एक रूपया भगवान् के आगे चढ़ाता है और कहता है: भगवान मेरे पास बस एक रूपया ही बचा था वो भी तुझे चढ़ा दिया मेरे घर में बहुत परेशानी है बहुत गरीबी है, दवाई की जरुरत है हे भगवान कुछ ऐसा कर कुछ कृपा कर| वो माता टेकता है वो आखे खोलता है और जब देखता है तो उसकी नजर उस वोइलेट पर पड़ती है जो उस व्यवसायी का वोइलेट रह गया था|
वो कहता है हे भगवान तेरा सुक्र है तूने मुझे यह पैसे दे दिए, सुक्र है सुकर है|
वो वोइलेट लेके वो गरीब आदमी निकाल जाता है|

इतने में सेवक को और घबराहट होती है की उसका वोइलेट तो इसने चोरी कर दिया मेने तो दिया नहीं, उसको और प्रॉब्लम होती है कहता है काश में रोक सकू लेकिन भगवान ने मुझे बोला है तूने हिलना नहीं है तो में कुछ नहीं कर सकता (I can only wait and watch)

तो वो सेवक किसी तरह से अपनी घबराहट को नियंत्रित करता है, रोकता है और मूर्ति के रूप में खड़े रहता है| इतने में एक तीसरा भक्त आता है एक विक्रेता (seller) आता है| वो विक्रेता भगवान के आगे माता टेकता है और कहता है: हे भगवान में अपनी समुंदरी जहाज को ले के 15 दिन के लिए कम पे जा रहा हु अपनी कृपा मेरे पे बनाये रखना वो माता टेक रहा होता है इतने में जो व्यवासी था जिसका वोइलेट रह गया था वो पुलिस लेकर आ जाता है| वो कहता हैं मेरे बाद तो यह आया है इसको अरेस्ट करदो| और पुलिस उस विक्रेता को चोरी के जुर्म में पकड़ लेती है|

अब सेवक कहता है अब ये मुझसे नहीं रुका जाएगा अगर भगवान् भी मेरी जगह होते तो इतनी न इन्साफी नहीं देखते| बहुत हो गया अब उझे बोलना पड़ेगा|

तो वो मूर्ति के रूप में खड़ा हुआ सेवक बोल पड़ता है| जरा इधर देखिये में भगवान् हु मेने देखा है क्या हुआ है| व्यवसायी का वो वोइलेट उस गरीब आदमी ने चुराया है उसको अरेस्ट करो, विक्रेता का कोई कसूर नहीं है, इसको छोड़ दो इसके अपने व्यापार के सफ़र पर जाना है| (Business Tour) तो पुलिस कहती है भगवान् खुद बोल पड़े पुलिस उस गरीब आदमी को अरेस्ट कर लेती है उस व्यवसायी का वोइलेट उस वापस मिल जाता है और जो विक्रेता है वो अपनी जहाज लेकर अपने व्यापर के सफ़र के लिए तेयार हो जाता है|

और सेवक वापस मूर्ति के रूप में खड़े हो जाता है और जब शाम हो जाती है तो भगवान जी वापस आ जाते है| भगवान् जी वापस आकर के उसको कहते है: कैसा रहा दिन?
तो सेवक कहता है भगवान् जी मैं आपको दिन के बारे में बताता हु आप खुश हो जाओगे मेने इतना अच्छा काम किया पता है कितनी बड़ी ना इन्साफी हो रही थी उसे मेने रोक ली|
सेवक उनको अपने पुरे दिन की बात बताता है उन तीनो भक्तो की बात बताता है की कैसे उसने गलत चीजो को सही कर दिया|

भगवान् जी उनकी पुरे दिन की कहानी सुनकर कहते है: तूने काम सुधार नहीं है तूने काम बिघाड दिया| तुझे बोला था कुछ नहीं बोलना तुझे बोला था मूर्ति बनकर खड़े रहना फिर तू क्यों बोला? अब सुन मेरी योजना (Planning) जो तेरी सोच से भी बहार थी|

जो पहला भक्त आया था न व्यवसायी, उसकी सारी दोलत चोरी की है और अगर कुछ पैसे उस गरीब के घर चले जाते तो उस व्यवसायी का कर्मा कम हो जाता| और वो गरीव हमेशा लोगो की सेवा करता है जितने पैसे उसके पास बचते थे वो सेवा में लगा देता था| तो उस ववासयी का कर्मा कम हो जाता और उसके पैसे सही जगह चले जाते| और सबसे बड़ी बात वो जो विक्रेता है, जो seller है वो जिस तरफ जा रहा है हेना उस तरफ बहुत बड़ा तूफान आने वाला है जिसमे वो बचेगा नही| अगर वो विक्रेता जेल में होता तो वो मरने से बच जाता, उसके उसके बच्चे अनाथ होने से बाख जाते, उसकी बीवी विधवा होने से बच जाती| और उस व्यवसायी का कर्मा भी कम हो जाता और उस गरीब के घर में रोटी भी चली जाती|

एसा हमारी जिंदगी में बहुत बार होता है की हमारी जिंदगी में बहुत बार समस्या आती है और हम सोचते है की इसमें अच्छा क्या है? हमें लगता है हमारे साथ इतना बुरा क्यों हो रहा है|
क्योंकि,

कही न कही हमारे सोच से ऊपर भी है उसकी (भगवान की) योजना|
तो आज के बाद लाइफ में जब भी कोई समस्या आये जब भी कोई मुस्किल आये तो उदास मत होना, इस कहानी को याद करना, मुस्कुराना और समझ जाना की जिदगी में जो होता है वो अछे के लिए होता है|

जिदगी में जो होता है वो अच्छे के लिए होता है|
जिदगी में जो होता है वो हमारे फाइदे के लिए होता है|

इस दुनिया में बहुत से ऐसे लोग है जो किसी न किसी समस्या से परेसान है मुझे लगता है इस कहानी की एसे हर इन्सान को जरुरत है ताकि वो और मजबूत बन सके और सब्र रखे अगर आपको भी एसा लगता है तो इस कहानी को अपने सोशल profile में share जरुर करना ताकि हम लोगो की जिंदगी में खुशियों को और फैला सके|

**शिक्षाप्रद कहानियों का विशाल संग्रह**

4 Comments

  1. ramdular August 31, 2017
  2. Shikhagupta August 10, 2017
  3. JAYDEOKRGOPE June 2, 2017
  4. Rakeshgogna January 22, 2017

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