तुम्हे दुनिया में किसलिए भेजा गया – कविता

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Hindi Poem On Life : इस पोस्ट में एक कविता जिंदगी के ऊपर लिखी गई है| यह कविता एक ख़त है जो दादाजी अपने पोते के पैदा होने पर स्वागत करने के लिए लिख रहे हैं| इस ख़त में दादाजी ने अपने पोते को दुनिया के बारे में और जिंदगी के मकसद के बारे में लिखा है| मुझे पूरी उम्मीद है इस कविता से आप बहुत प्रेरित होगे|

Hind Poem on Life

प्यारे मुन्ना इस दुनिया में तुम्हारा स्वागत है|
यह बहुत ही सुन्दर अनोखी और प्यारी जगह है|

और तुम्हे इसे और भी सुन्दर और भी प्यारी बनाने के लिए भेजा गया है|
भेजा किसने? यह आज तक कोई नहीं जान पाया है|

और सायद जान कर के कुछ हासिल भी नहीं होगा|
इसलिए एसे सवालो पर अपना वक्त बर्बाद मत करना|

हम सबके पास एक सिमित समय होता है|
और जितना भी हो, कम ही होता है|

इस दुनिया में, इतना कुछ है देखने को, जानने को, महसूस करने को,
के तुम्हारे पास थोडा भी वक्त नहीं है, बर्बाद करने को|

संभावनाए असीम है, तुम कुछ भी बन सकते हो,
कुछ भी कर सकते हो, इस दुनिया को बदल सकते हो|

हर दिन कुछ नया करना, कुछ नया सीखना|
कुछ नया समझना, और अगर किसी काम को लेकर मन में दुविदा हो,

तो याद रखना, ना करके पछताने से कई बहतर है करके पछताना|
क्योंकि अगर कोई काम करके कुछ न भी मिला, तो तर्जुबा मिलेगा,

और वो बहुत ही कीमती होता है|
हर चीज का तर्जुबा करना, लेकिन किसी भी चीज की आदत मत डालना|

तर्जुबे तुम्हे सही और गलत में फर्क करना सीखेगे,
गलतिय करने से बचाएगे, पर गलतिय करने से डरना मत,

गलतिय वही करते है, जो कुछ करते है|
अपनी गलतियों की जिम्मेदारी लेना, उन्हें सुधारना,

दुसरो की गलतियों को माफ़ करना, उन्हें उसे सुधरने का मौका देना|
कोई जान बुज कर गलती नहीं करता, कोई जान बुज कर बुरा बर्ताव भी नहीं करता,

किसकी जिदगी में क्या चल रहा है, यह कोई नहीं जनता|
इसलिए सबको वही मौके देना, जो खुद को दोंगे,

सबसे उतनी ही नरमी बरतना जितनी खुद पर बरतोगे|
सबकी इज्जत करना, सब पे भरोसा करना, और सबसे प्यार करना|

इस दुनिया में प्यार की बहुत कमी है बेटा,
और सबकी इसकी बहुत जरुरत है|

तुम्हे भी होंगी, मांगने में हिचकिचाना मत,
और दिखने में जिजकना मत|

जिंदगी बहुत छोटी है,
शर्म के लिए, संकोच के लिए,

आये न आये, जी खोल के नाचना,
गला फाड़ के गाना है,
मन भर के खाना,

खुल कर हँसना और जोर से रोना,
जैसे तुम पैदा हुए तब रोए थे|

बस शारीर से ही बड़े होना, मन से नहीं,
जिस दिन अन्दर से यह बचपना गया, यह मासूमियत गई,
उस दी समझो जिंदगी गई|

भविष्य के बारे में सोचना,
पर चिंता मत करना,

बीते दिनों को याद करना,
पर उनमे खो मत जाना|

जिंदगी में कुछ अछे दिन आएगे, कुछ बुरे,
अच्छे दिनों में घमंड न करना,
और बुरे दिनों में हताश न होना|

सफलता का सारा श्रेय खुद को मत देना,
और असफलता का जिम्मा, दुसरो पर मत ठोकना|

बेटा बस आगे बड़ते जाना,
खुशिया बाटते जाना|

और यह जरुर याद रखना,
कि तुम्हे यहाँ एक ही काम से भेजा गया हैं|
कि तुम इस दुनिया को और भी सुन्दर, और भी प्यारी जगह बना सको|

ढेरो आश्रीवाद के साथ,
तुम्हारा दादा|

अगर यह Hindi Poem on Life  आपको पसंद आई है तो अपने मित्रो के साथ share करना कभी न भूले और इस कविता को कोने कोने में फेलादे और इस कविता का message सब तक पहुचने दे|

12 Comments

  1. babita yadav June 8, 2016
  2. kumar keshav October 29, 2015
    • Admin October 29, 2015
  3. Ravi suthar tripasa August 20, 2015
    • Admin August 23, 2015
      • sanjay saklle October 14, 2015
      • Admin October 19, 2015
  4. Ramkirat July 15, 2015
    • Admin July 16, 2015
  5. neha June 27, 2015
    • Admin June 27, 2015

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