Narendra Modi की रोंगटे खड़े करने वाली Motivational speech

narendra-modi-hindi-speech

इस Motivational speech (in Hindi) में नरेन्द्र मोदी के खुद के शब्द है. जो अभी आपको text में देख सकते है, चलिए यह speech Narendra Modi के मुह से ही सुनते है.

देश के हर इन्सान के दिल में एक ख्वाब होता है, उस ख्वाब के साथ उसके मन में कुछ विचार भी होता है, आईडिया भी होते है.

कुछ लोगो के आईडिया हर दिन पैदा होता है और शाम होते-होते बाल-मृत्यु हो जाता है (ख़त्म हो जाता है). लेकिन कुछ लोग होते है जो आईडिया के साथ इन्वोल (शामिल) हो जाते है. वो उससे बहार नहीं निकलते है. और पूरा परिवार परेशान हो जाता है कि ये कुछ करता नहीं बस इसी में लगा रहता है. किसी से बात नहीं करता है, यार-दोस्तों से नहीं मिल रहा है क्या हो गया है इसको. कही पागल तो नहीं हो गया.

speech-success

लेकिन वही एक दिन कुछ कमाल करके दिखा देता है, तब पुरे परिवार को लगता है. नहीं नहीं साहब ये तो पहले से ही ऐसा था. क्योंकि ज्यादातर ये 1st जनरेशन इंटरप्रेन्योर है.

और जब कुछ करने का सोचा होगा कभी, सब कहेगे नहीं-नहीं बेटे अपना काम नहीं कही नौकरी करले. शुरू में जब दोस्तों ने सुना होगा. बहुत मजाक उड़ाया होगा, जाते-आते आपको उसी उपनाम से सुनते होगे: ये कुछ करने वाला है, ये करने वाला है.

speech-enemies

फिर एक पल आया होगा सारे लोग का विरोध हुआ होगा, सब दूर, परिवार के लोगो ने विरोध किया होगा कि नहीं ये नहीं करना है जाओ कमाओ, नौकरी कर लो. उस विरोध के बावजूद भी जो टिके होगे आज सब लोग कहते होगे कि यार इसने तो कमाल ही कर दी. कुछ ऐसा मुझे भी करना है.

हर किसी स्टार्टअप (शुरुआत करने वाला) की जिंदगी की यही कहानी है. विशाल और कारोबार का निर्माण करने के लिए असफलताओ से बचा नहीं जा सकता.

जो पानी से भागता है वो कभी तैरना नहीं सिख सकता, एक बार तो डूबना ही पड़ता है तब जा करके तैरना सीखोगे. हर चीज की कही शुरुआत होती है, तो जो करता है उसी को दीखता है कि क्या होने वाला है औरो को वही दीखता है की यह पागल है.

speech-money

पैसे कमाने के इरादे से आता है वो कभी स्टार्टअप कर ही नहीं सकता, जो कुछ करने के इरादे से आता है पैसे उसके लिए पैसे बायप्रोडक्ट (प्रतिफल) होते है. एक भीतर से एक उर्जा होती है , एक भीतर में सपने होते है उसके साथ खप जाने का इरादा होता है तब जा कर के परिस्थितिया पलटती है.

जो App बनाता है या जो स्टार्टअप की दुनिया में एंटर होता है या कोई नई चीजो का इन्वेंट्स (अविष्कार) करता है, उसके मूल में उसके अदंर एक संवेदन (दया) आ पड़ती है. बहुत कम लोग इस बात को अनुभव कर पायेगे.

speech-problem

और जब वो कोई बुरे हाल देखता है, कुछ समस्या देखता है, वो उसे सोने नहीं देती, समस्या उसकी नहीं है, किसी और की है..!! लेकिन वो उसे सोने नहीं देती. उसका मन करता है मैं कोई रास्ता खोजू,  में कुछ करू इसके लिए. किसी के लिए जो दर्द होता है जो हमें हमारे भीतर ऐसी अवस्ता पैदा करती है जिन लाखो-करोड़ो लोगो के दर्द को दूर करने का कारण बन जाते है और तब स्टार्टअप होता है.

हर स्टार्टअप के पीछे कोई न कोई समस्या का समाधान का इरादा रहना चाहिए, और जब किसी स्टार्टअप के पास समस्या के समाधान का इरादा होगा तो उसकी संतोष (संतुष्टि) का लेवल भी कई कुछ और होगा.

speech-valuble-person

स्टार्टअप कहने के बाद कुछ लोगो की सोच होती है की बड़ा हाई-फाई होगा, लैपटॉप के बहार दुनिया कुछ नहीं होगी, मोबाइल से जुड़े होगे या हर किसी के पास बिलियन डॉलर का काम होगा और 2,000 लोग काम करेगे जरुरी नहीं है.

5 लोगो को भी मैं अगर रोजगार देता हूँ तो मेरा स्टार्टअप मेरे देश को आगे बढ़ावा देगा.

एक साइकोलॉजिकल change (बदलाव) लाना है, कि youth (युवा/जवान) के दिमाग में जॉब-सीकर की मानसिकता से बहार लाना है. फिर वो जॉब क्रेअटर (जॉब देने वाला) बनेगे. और एक बार उसके दिमाग में आ गया की मुझे 2 लोगो की जिंदगी को संभालना है, वो कर लेगा.

speech-progress

मैं वो कुछ करके दिखाऊ जिसमे में जॉब क्रेअटर बनू, मैं वो कुछ करके दिखा जिसके कारण किसी की जिंदगी में मैं काम आऊ, मैं वो कुछ करके दिखाऊ कि मेरे देश को एक कदम आएग ले जाने में मेरा भी कोई योगदान हो.

जितना भी अगर सपना हम लेकर चलते है, हम बहुत कुछ कर सकते है.

The people who are crazy enough to think they can change the world, are the ones who do.
जो लोग दुनिया को बदलने के बारे में पागलो की तरह सोचते है, वो लोग उन में से होते है जो एक दिन बदल देते है.
– Steve Jobs (स्टीव जॉब्स)

4 Comments

  1. Deependra pandey February 20, 2017
  2. Sonu Kumar June 5, 2016
  3. jitendra May 7, 2016
  4. Name umesh kumar May 4, 2016

Leave a Reply