तुरन्त मूड बदलने का जादू जो आपको रखेगा हमेशा खुश

बहुत बार जिंदगी में ऐसा होता हेना कि ख़राब लोग की वजह से हम काम ढंग से नहीं कर पाते। ख़राब मूड की वजह से हमारे संबंध पर प्रभाव पड़ता है। और बहुत बार ख़राब मूड की वजह से हमारा पूरा दिन ख़राब हो जाता है।

तो इसी के बारे में, मैं आपको जो सुझाव देने जा रहा हु वो मनोवैज्ञानिक तौर से साबित है, और इस पोस्ट में, मैं आपसे कोशिश करवाऊंगा और हम इस पोस्ट में साबित करेंगे।

तो पहले हम कोशिश करते है फिर मैं आपको समझाऊंगा कि ऐसा क्यों होता है।

आप जहाँ बैठे है, जैसे बैठे है और अगर खड़े है तो बैठ जाइये,
और इसमें आपको अपनी आँखे बंद करनी है (पहले यह सुन लीजिये, फिर बताएगे कि आपको कब आँखे बंद करनी है) फिर अपनी जिंदगी के बीते हुए दुःख को याद करना है। एक ऐसा दिन जब आप बहुत परेशान थे। एक ऐसा दिन जो बहुत दुःख वाला था। परेशानी वाला था।

कितने परेशान थे हम उस दिन, आपको याद करना है कि कितना दुःख वाला दिन था उस दिन को याद करना है कि कैसा अनुभव हो रहा था। कितनी परेशानी थी, कितना दुःख था। उस दिन को याद करना है, उस परेशानी को याद करना है। कितना अजीब लग रहा था। कितना गन्दा लग रहा था। कितना बुरा अनुभव हो रहा था।

उस दिन को अब याद कीजिये {आँखे बंद करके 1 मिनट तक याद कीजिये}

ठीक है, अब आपने ध्यान दिया होगा कि जब उस दिन को याद कर कर रहे थे, उस अनुभव को याद कर रहे थे तो आपकी शरीर की भाषा (Body Language) बदल रही थी, आपके चेहरे की अभिव्यक्ति (Expression) बदल रही थी। एक हल्की शक्ति, हल्के अनुभव को आप अनुभव कर पा रहे थे।

अब एक काम कीजिये। खड़े हो जाइये।

हेल्लो, हेल्लो, हेल्लो सबको खड़े होना है, सबको खड़े होना है। कुछ लोग सोच रहे है कि बादमे करके देख लेंगे। लेकिन अभी के अभी खड़े हो जाइये।

बिना इस बिधि को किये आप मेरी विधि को गलत नहीं कह सकते, बिना इस विधि को किये आप इस सुझाव को समझ नहीं पायेंगे।

तो सभी लोग अभी ही खड़े हो जाइये। (पहले निचे की पूरी विधि पढ़ लो फिर आपको बताया जाएगा की कब यह करना है)

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खड़े होकर सब अपनी ठोड़ी को थोडा सा ऊपर की ओर कर करना है और अपने दोनों हाथो को ऊपर की और फैला कर मुह पर मुस्कुराहट ला के फिर एक कोई भी आपका पसंद का एसा गाना सुनो जो पार्टी या किसी खुशी के वक्त लगाया जाता है, इसके लिए आप कान में एअर फ़ोन लगा कर गाना सुन सकते है, आखे बंद करके फिर से उस दिन को याद करना है।

अब याद करना है उस दुःख भरे दिन को उस परेशानी भरे दिन को जब आप बहुत दुखी थे। अब याद करने की कोशिश करनी है उस दिन की जब आप बहुत परेशान थे, याद करो कितने दुखी थे, केसा अनुभव हो रहा था। उस परेशानी को याद करो।

अब यह विधि कीजिये और कान में एअर फ़ोन लगा कर गाना सुनते हुए अपने परेशानी को याद कीजिये

ठीक है, आप सबने यह अनुभव किया होगा कि अभी जब आप उस परेशानी वाले दिन को याद कर रहे थे, उस दुःख वाले दिन को याद कर रहे थे तो परेशानी वाला अनुभव नहीं हो रहा था, दुःख वाला अनुभव नहीं हो रहा था वो शक्ति कम नहीं हो रही थी। उल्टा खुशी महसूस हो रही थी।

जबकि जब में यह वाली विधि अपने सेमिनार में करवाता हु, तब लोग हाथ ऊपर करके ठोड़ी ऊपर करके, जब में बोलता हु उस दुःख वाले दिन को याद करो तो लोग हस रहे होते है, दुखी माहोल बनने के बजाए ख़ुशी वाला माहोल बन रहा होता है।

इसका मतलब है एक ही परिस्थिति में, एक ही दुःख में हम इतनी जल्दी अपने दिमाग को बेवकूफ कर सकते है, इतनी जल्दी हम अपने दिमाग के साथ धोका कर सकते है और आपने अभी ये करके देखा भी है।

साधारण सी बात है और यह मनोवैज्ञानिक तौर से साबित है कि हमारा शरीर हमारे दिमाग को बेवकूफ बना सकता है। जैसी सूचना हमारा शरीर हमारे दिमाग को भेजता है, वैसे ही हमारा दिमाग क्रिया करता है।

आप जब सकारात्मक विधि करते हो तो आपका शरीर आपके दिमाग को सुचना देता है की आप खुश हो और आपका दिमाग ख़ुशी का अनुभव करना शुरू कर देता है। जैसे की हमने अभी इस पोस्ट में किया।

जब भी मूड ख़राब हो, पढने बैठे हो और किसी बात की वजह से मन उदास है, ऑफिस की कोई समस्या अगर घर लेकर जाने वाले हो, किसी का गुस्सा अगर किसी और पे निकलने वाले हो तो ऐसी किसी भी स्थिति पर वही करो जैसे हमने इस पोस्ट किया।

अपने शरीर का नियंत्रण बदलो और अपना मूड ठीक कर लो।

तो ये था एक छोटा सा सुझाव जो हमने एक साथ कोशिश करके भी देख लिया।

पोस्ट अच्छा लगा होतो अपने दोस्तों के साथ share जरुर कीजिये।

तो इसी तरह प्रेरित होते रहे और कुछ नया सीखते रहे।

धन्य रहो, और प्रेरित रहो [Stay blessed, And Stay Inspired]

One Response

  1. mukesh October 3, 2016

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