अपने विचारो पर करें भरोसा।
इतने सालों बाद भी हम आज भी श्री भगत सिंह को याद करते है, क्यों…?
क्योंकि उन्हें अपनी सोच पे विश्वास था, अपने विचारो पे आत्मविश्वास था। उन्होंने वो रास्ता नहीं पकड़ा जो सबने पकड़ा हुआ था। उन्होंने एक नई सोच, एक नई दिशा में अपने कदम आगे बढाएं।
हम में से ज्यादातर लोग भीड़ का हिस्सा इस लिए बन जाते है, क्योंकि हमे लगता है की भीड़ जिस तरफ जा रही है वही रास्ता सही है।
बरसों से चली आ रही सोच के आगे हमे अपने विचारों पे, अपनी सोच पे विश्वास नहीं रहता। और जब हम खुद पे संदेह करते है तब हम अपने सबसे बड़े दुश्मन बन जाते है।
आपको यह जानना होगा, मानना होगा कि अपनी इस लाइफ नाम की मूवी के सिर्फ एक्टर या एक्ट्रेस नहीं है।
बल्कि आप इस लाइफ नाम कि मूवी के राइटर भी है, आप अपनी जिंदगी खुद लिख सकते है। आप अपनी लाइफ नाम मूवी के डायरेक्टर भी है, क्योंकि आप अपनी लाइफ को खुद डायरेक्ट कर सकते है। यहाँ तक की आप अपनी लाइफ नाम कि मूवी के प्रोडूसर भी है। आप हर रोज अपने आने वाले कल, आने वाले भविष्य को अपने अनुसार बना सकते है।
जिंदगी तो अपने ही दम पे जी जाती है, दुसरो के कंधे पे तो जनाजे
– भगत सिंह**शिक्षाप्रद कहानियों का विशाल संग्रह**

At this I’m confused because ek bar main aapka motivation speech sunta hu to bohat junoon aa jata hai but after some time I m totally loose. Than what I do ?